Poetry

स्याह कविताएँ

उसकी कविताओं को
नहीं पढ़ा जा सकता है
उजले रोशन कमरों में
वे खोलती हैं रूह का दरवाज़ा
और उतर जाती हैं तहख़ाने में
अंधेरे में टटोलने होते हैं वे शब्द

उसके प्रेम में
नहीं रहा जा सकता ख़ुश
सिर्फ़ हुआ जा सकता है आत्महंता
काटी जा सकती है कलाई
किए जा सकते हैं युद्ध

उसकी कविता
रचती है अकालमृत्यु
नरबलि के मंत्र
और श्राद्ध के कर्मकांड

इससे बेहतर होगा
नफ़रत करना
और जला देना किताबें

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